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– जिम्मेदार मौन क्यों ?
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर एसपी निवास के सामने स्थित पब्लिक पार्क स्थित लिली पौंड में सैकड़ों मछलियां मर गई हैं। उनकी दुर्गन्ध के कारण रथखाना और राजविलास क्षेत्र के लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। शिकायत मिलने के बाद यूआईटी सचिव मेघराज सिंह मौके पर पहुंचे और ठेकेदार को तत्काल सफाई करने के निर्देश दिए हैं। बीकानेर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट कुलदीप शर्मा व एडवोकेट निमेष सुथार ने बताया कि शुक्रवार को ठेकेदार ने काफी संख्या में मरी हुई मछलियां पार्क में ही गड्डा खोदकर गाड़ी दी। शनिवार को भी बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं, जो पानी की सतह पर आ गई हैं। उनकी दुर्गन्ध घरों के अंदर तक आ रही है। पहले भी कई बार ऐसे ही हालात हो चुके हैं। लिली पौंड में अवैध रूप से मछलीपालन किया जा रहा है। सुथार ने कहा है कि अब यूआईटी और ठेकेदार के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद पेश किया जाएगा। उधर, यूआईटी सचिव मेघराजसिंह मीणा ने बताया कि ठेकेदार को पाबंद किया है। मरी हुई मछलियों को तालाब से निकालकर दूर जाकर गाड़े। तालाब की सफाई करे, ताकि मछलियां न मरे। गौरतलब है कि कुछ साल पहले मलेरिया और डेंगू फैलने के कारण जिला प्रशासन ने लिली पौंड में गम्बूशिया मछलियां डलवाई थी। उसके बाद पौंड में मछली पालन होने लगा। लोग धर्म पुण्य कमाने के लिए उन्हें दाना डालते हैं। कुछ लोग ब्रेड या आटे की गोलियां बनाकर भी डालते हैं, जिससे पानी प्रदूषित हो गया है। इससे मछलियां भी मरने लगती हैं।

जिम्मेदार मौन क्यों ?
अधिवक्ता ने बताया कि यूआईटी अभियंताओं की मिलीभगत से प्रशासन भी सुनवाई नहीं कर रहा। इस संबंध में कलक्टर नमीत मेहता को अवगत कराया गया, उन्होंने आश्वान दिया कि ठेकेदार को पाबंद किया जाएगा।