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जयपुर: कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों को नोटिस देने के बाद विधानसभा के अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी खासी चर्चाओं में है. हाईकोर्ट से मिले निर्देश और न्यायपालिका के प्रति सम्मान के कारण उनका फैसला सामने नहीं आ पाया ,अब इंतजार है मंगलवार तक का. बहरहाल कोई निर्णय देने से इस दौरान डॉ सीपी जोशी ने काफी अध्ययन कर लिया है ,जिससे उनके किसी भी निर्णय को चुनौती देना आसान नहीं हो. राजस्थान विधानसभा ने ऐसे अध्यक्ष दिये है जिन्होंने अपने फैसलों से देशभर में प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत का गौरव बढ़ाया. नरोत्तम लाल जोशी,रामनिवास मिर्धा,निरंजननाथ आचार्य,महारावल लक्ष्मण सिंह,गोपाल सिंह भाद्राजून,पूनमचंद विश्नोई,गिरिराज प्रसाद तिवाडी,  परसराम मदेरणा,हीरालाल देवपुरा,हरिशंकर भाभड़ा सरीखे दक्ष स्पीकर्स ने अपनी छाप छोड़ी. डॉ सीपी जोशी के विधानसभा अध्यक्ष का सफर भी सियासत से भरा रहा. उनका नाम पहले डिप्टी मुख्यमंत्री के लिये भी चला था. लेकिन उनका विद्धान होना उन्हें स्पीकर के पद तक ले आया.

विधायक खरीद फरोख्त मामला: आरोपियों का वॉयस सैपल देने से इनकार

कांग्रेस के बागी विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी वायरल हुई ऑडियो क्लिप के मामले में दोनो आरोपियों ने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया है. इस मामले में अब सीजेएम कोर्ट 21 जुलाई को अपना फैसला सुना सकती है.एसओजी की ओर से सीजेएम कोर्ट के समक्ष आरोपी अशोकसिंह और भरत मलानी के वॉयस सैंपल लेने को लेकर प्रार्थना पत्र पेश किया गया था.

जिस पर सीजेएम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए एसीएमएम संख्या की अदालत में  रैफर किया.जहां पर दोनों आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने के लिए एसओजी की टीम पेश हुई.लेकिन कोर्ट में पेश हुए दोनों ही आरोपियों ने जांच एजेंसी पर सवाल खड़े करते हुए वॉयस सैंपल करने से ही इनकार कर दिया है.

कोर्ट अब एसओजी के प्रार्थना पत्र पर सुनाएगी फैसला:
एसीएमएम कोर्ट के जज कौशलसिंह ने दोनो आरोपियों की ओर से दिये गये बयान को रिकॉर्ड पर लेते केस को पुन: सीजेएम कोर्ट को भेज दिया है.सीजेएम कोर्ट अब एसओजी के प्रार्थना पत्र पर अपना फैसला सुनाएगी.