छत्तरगढ़ । पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद छत्तरगढ़ इलाके में चुनावों को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई है। गांवों की चौपालों से लगाकर सर्दी में जलने वाले अलाव तक यही चर्चा है कि इस बार ग्राम पंचायत का सरपंच कौन होगा। कस्बे का रूप ले चुका छत्तरगढ़ पूगल पंचायत समिति का सबसे बड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र है। हालांकि अभी पूगल, खाजूवाला, लूनकरनसर और कोलायत पंचायत समितियों के चुनावोंं की तारीख घोषित नहीं हुई है लेकिन छत्तरगढ़ तहसील क्षेत्र में आने वाली 22 ग्राम पंचायतों में जो सरपंच चुने जायेंगे वे इन तीनों पंचायत समितियों के चुनावों को प्रभावित करेंगे। छत्तरगढ़ ग्राम पंचायत के सरपंच का भी इस बार हमेशा से रोचक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। पूगल पंचायत समिति के अन्तर्गत छत्तरगढ़ सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है वहीं पूगल पंचायत समिति के लिए छत्तरगढ़ से जो पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रतिनिधि चुने जाने है वे दोनों ही पद आरक्षित हो गये है। केवल सरपंच का पद सामान्य वर्ग के लिए होने से बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में आने की तैयारी कर रहे है। इनमें वर्तमान सरपंच नारायणराम खिलेरी दूसरी बार सरपंच पद के लिए भाग्य आजमायेंगे। वहीं सद्दाम हुसैन भाटी जो कि पिछले चुनाव में नारायणराम खिलेरी के सामने चुनाव लड़े थे वे भी पुन: मैदान में आने को तैयार है। पूर्व में दो बार सरपंच रह चुके भंवरू खां निर्वाण तीसरी बार फिर मैदान में उतरेंगे ऐसी चर्चा है। इसके अलावा जिला परिषद सदस्य मदन मोहन ज्याणी जो कि छत्तरगढ़ पंचायत से सदस्य व दो बार जिला परिषद के सदस्य चुने जा चुके है वे भी पद आरक्षित हो जाने के कारण सरपंच के पद के लिए ताल ठोक सकते है। उप सरपंच पीर सरदार शाह भी सरपंच पद के लिए भाग्य आजमा सकते है। लेकिन गांव वाले सामूहिक रूप से जो प्रत्याशी उतारते है उसके लिए भी कई नामों की चर्चाएं चल रही है। इनमें नेमीचंद उपाध्याय, कुलदीप मोदी, जयकिशन राठी, राजपूत समाज के कानसिंह भाटी, चतुर्भुज सिंह पडि़हार, मालसिंह बीका वैसे भी एक उम्मीदवार खड़ा हो सकता है। बहरहाल नामांकन पत्र भरे जाने और वापिस होने के बाद ही पता चलेगा कि चुनाव में कितने उम्मीदवार किस वजन के है। अभी तो चर्चाओं का बाजार गर्म है।