बीकानेर। जेल में बंद अपराधियों के हौसले किस तरह से बुलंद ये सभी को पता है अपराधियों को पुलिस प्रशासन की लापरवाही कहे या मिलीभगत कहे किस तरह अपराधियों के पास मोबाइल पहुंचते है जिससे वह अंदर बैठे ही अपनी गैंग को चलाते है और परिवादियों धमकाते है। लेकिन जेल प्रशासन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है। इतनी बड़ी जेल में किसी अपराधी से मिलने के लिए उनके परिजन जाये तो पहले कड़ी सुरक्षा में से होकर गुजरना पड़ता है लेकिन उन तक मोबाइल व नशे की खेप आराम से पहुंचती है उसके लिए कोई सुरक्षा तंत्र कार्य नहीं करता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें हत्या के आरोपियों ने जेल के अंदर से ही परिवादी को धमकते हुए उसको जान से मारने की धमकी दी है। श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाना की गत सरपँच मेनका देवी के पति और पूर्व सरपंच भंवरलाल बाना के पुत्र रामनिवास की 22 दिसम्बर 2015 को हत्या कर दी गयी थी। इस हत्या के मामले में बीकानेर जेल में बन्द आरोपी शंकरलाल बाना ने जेल में से फोन कर परिवादी को धमकाया है। थानाधिकारी सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि हत्या के मामले में मृतक रामनिवास के भाई राजाराम बाना ने शंकरलाल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था ओर मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर चालान भी पेश किया गया था। आरोपी तभी से बीकानेर जेल में बन्द है। इस प्रकरण में 27 जनवरी 2020 को पेशी होनी है पेशी से पहले आरोपी ने गत 17 जनवरी को रात दो बार फोन कर परिवादी राजाराम बाना को धमकियां दी है। आरोपी खुद को जेल में राजू ठेहट गैंग से जुड़ जाने की बात कहते हुए हत्या के मामले की पेशी के दौरान गवाहों के बयान करवाने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। क्षेत्र के चर्चित प्रकरण में जेल में बन्द अभियुक्त द्वारा परिवादी को फोन कर धमकाने की घटना के बाद सनसनी फैल गयी है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओ पर सवाल उठ रहे हैं।