>


बीकानेर। एक ओर प्रदेश में राजनीति गर्माई हुई है और इस बात को लेकर आपसी समन्वय नहीं बन रहा है कि कांग्रेसजनों के काम नहीं हो रहे है। वहीं बीकानेर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। जहां मोहल्ले में विकास कार्य नहीं होने के विरोध में कोविड सेन्टर में बैठे दो पार्षद धरने पर बैठ गये। जिसमें एक कांग्रेस व एक कांग्रेस का समर्थित पार्षद है। जानकारी के अनुसार वार्ड 71 में पानी की समस्या होने के कारण पार्षद द्वारा मेहनत करके मौहल्ले में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए पाईप लाईन से पानी व्यवस्था के लिए आदेश जारी हुआ। जिस पर काम भी चालू हो गया है। लेकिन दो अधिकारियों की आपसी झगड़ के कारण ये काम रुक दिया है। इसके कारण एक बार फिर लोगों की उम्मीदों में पानी फिर गया है एक तरफ बारिश का मौसम दूसरी तरफ लाईन के लिए खड़्डे खोद कर रख दिये है। पाईप लाईन का काम रुक जाने से लोगों ने वार्ड पार्षद को फोन किया जबकि पार्षद प्रफुल हटीला कोरोना पॉजिटिव होने के कारण कोविड सेंटर में भर्ती है। लेकिन जनता की भावना को ध्यान में रखते हुए सभी के फोन उठा कर बात कर है। उन्होंने अधिकारियों से इस बारे में बात करनी चाहिए की पानी की पाईप लाईन काम क्यों रोका है। परंतु अधिकारी को संतोषजनक जबाब नहीं दे रहे है। दोनों अधिकारी एक दूसरे पर लीपापोती कर रहे है। इससे आहत होकर मंगलवार को वार्ड 35 के पार्षद मनोज बिश्नोई जिनको 102 डिग्री बुखार है।वहीं प्रफुल हटीला को 101 डिग्री बुखार है। इतना कुछ होने के बाद भी दोनों ने जनता के लिए कोविड़ सेंटर में ही भूख हड़ताल पर बैठ गये। उनकी मांग है कि जब तक अधिकारी कार्य शुरु नहीं करेंगे तब तक भूख हड़ताल पर ही रहेंगे।