बीकानेर। बिजली बढ़ी और गैस भी बढ्ग्यो जागो छोड़ो निन्द्रासन..,चोरी री घटनायो बढग़ी,फिर भी सुतो प्रशासन,कोरोना बेेमारी सू ज्यादा,मंहगाई रो डर खावे है……,इन्जेक्शन न बणै इयोरा दिन दिन आ बढ़ती जावे है…..। कुछ इसी तरह के व्यंग्य व तत्कालीन परिस्थितियों पर करारा कटाक्ष स्थानीय कीकाणी व्यासों में देखने को मिला। मौका होगा जमनादास कल्ला की स्वांग मैरी रम्मत का। इस रम्मत में इस साल का ख्याल राजनीति पर किया गया है जिसमें देश की वर्तमान विकट परिस्थिति का चित्रण किया गया है। नारी के अपमान पर कटाक्ष करते हुए कलाकारों ने ख्याल गाया है नारी रो सम्मान भूलग्या रामलला रे देश में,दुष्ट आरोपी घूम रहया है दुस्शासन रे वेश में……..। वहीं चौमासे के माध्यम से पत्नी चौमासा में वर्षा ऋ तु पर जवानी जोर जताने व तन-मन में मदन सताने का विरह आदि का चित्रण किया गया । 150 वर्षों से अधिक पुरानी यह रम्मत किशन लाल ओझा के सान्निध्य में हुई। लटियाल नाटय एवं कला संस्थान के सचिव एडवोकेट मदनगोपाल व्यास ने बताया कि रात्रि12 बजे लटियाल माता का पर्दापण हुआ। पूजा अर्चना व आरती के बाद ख्याल व चौमासे का मंचन किया गया। युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वालों पर प्रहार करते हुए शतरंज चाल्यो जनता रे समझ सूं परमार है,एक दूजे पर दोषारोपण कर रहया मुस्कार है,एक मुद्दों आज भी बेरोजगार है….। युवाओं की पीड़ा को ख्याल के माध्यम से उठाया गया। यहीं नहीं प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए बताया गया है कि प्रशासन देर करे है,नेताओं के चक्कर में,सच्चाई भी हार जावें,धनवान रे टक्कर में। की ओर से कीकाणी व्यासों के चौक में आयोजित इस रम्मत में चौमासे के माध्यम से एक प्रेमी की विरह वेदना को चौमासे के जरिये प्रदर्शित किया गया है। वहीं रम्मत के दौरान राधा-कृष्ण की पुष्प होली व उनके द्वारा किये गये रास से सभी का मन मोह लिया।

इन कलाकार ने किया मंचन
रम्मत के संरक्षक किशनलाल ओझा ने बताया कि रम्मत में एड मदनगोपाल व्यास,शत्रुघ्न,रामकिशन,सूर्य प्रकाश,मुकेश,प्रेमनारायण चूरा,दिनेश,रवि,शानू,मयूर,मनमोहन,आयो,परमेश्वर,क ान्हा,राजाबाबू,छोटू,गोविन्द,गौरव,गोपाल,मनीष,भोले ने ख्याल व चौमासे के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा। वहीं नगाड़े पर संगत बंटी ओझा ने की।