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बीकानेर। पहले से ही विवादों में चल रही पीबीएम अस्पताल में नित नये विवाद प्रकाश मेें आते रहे है। जिससे उसकी छवि खराब हो रही है। ऐसा ही एक प्रकरण आज हुआ। जिसमें अस्पताल के वरिष्ठ लेखाधिकारी के के गोयल के ठेका देने की बात को लेकर रिश्वत मांगने पर परेशान एक ठेकेदार ने अपने पर केरोसिन उडेल लिया। जिससे एक बारगी अफरा तफरी सी मच गई। बताया जा रहा है कि कैलाश छंगाणी नाम के इस ठेकेदार का सफाई का ठेका लायस्ट रेट में भरने की बात सामने आई है। परन्तु लेखाधिकारी ये ठेका उनको देने की बजाय किसी चेहते को देना चाहते है। जिस पर दोनों की बीच विवाद हो गया और लेखाधिकारी ने ठेकेदार की फाइल फैक दी। इससे प्रताडि़त छंगाणी ने ये कदम उठाया। बाद में सभी ठेकेदार मिलकर प्राचार्य से मिले और अपनी पीड़ा जताई। छंगाणी का आरोप है कि लेखाधिकारी गोयल बिना रिश्वत न तो बिल पास करते है और न ही कोई ओर काम।
खुलासा ने पहले ही जता दी थी आशंका
खुलासा न्यूज पोर्टल ने दो दिन पूर्व इस बात की आशंका जता दी थी कि पीबीएम प्रशासन चहेते ठेकेदारों पर मेहरबान है। जिसकी पुष्टि आज हो गई।
सरकार की हो रही है किरकिरी
सुशासन देने का दावा करने वाली गहलोत सरकार की ऐसी घटनाओं से जमकर किरकिरी हो रही है। जानकारी मिली है कि पीबीएम में ठेकेदारी का खेल इतना हावी हो गया है कि अब समाजसेवी भी यहां ठेका लेकर अपनी दुकानदारी चला रहे है। पीबीएम हेल्प कमेटी के नाम से अस्पताल प्रशासन के भ्रष्टाचारों को उजागर करने वाले सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित भी अब प्रशासन से सांठगांठ कर यहां ठेकेदारी का काम कर रहे है। मजे की बात तो ये है कि जिले के तीन मंत्री होने के बाद भी पीबीएम के इन हालातों पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है।