खुलासा न्यूज,बीकानेर। जिले में 9 पंचायत समितियों की 161 वार्डों व 29 जिला परिषद सदस्यों को लेकर चुनावी चौसर बिछी हुई है। पहले चरण का मतदान 23 नवंबर को होगा। जिसको लेकर चुनावी समर में उतरे प्रत्याशी एडी चोटी का जोर लगा रहे है। गांवों की सरकार कहे जाने वाले जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव में सत्तारूढ़ दल कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भाजपा के समीकरण निर्दलिय,बागी व अन्य राजनीतिक पार्टियां प्रभावित करती दिख रही है। ये वे पार्टियां हैं, जिन्हें कांग्रेस और भाजपा दो साल पहले तक टक्कर में ही नहीं मानती थी। दोनों बड़ी पार्टियों को चुनौती देने वाले छोटे दलों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी)व माकपा शामिल है। जिसने जिला परिषद की कुछ सीटों व कुछ पंचायत समितियों में अपने प्रत्याशी उतार कर दोनों ही दलों को सोचने को मजबूर कर दिया है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़,लूणकरणसर में समीकरण बिगड़ सकते है। उधर कोलायत व खाजूवाला में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों को अपनों से खतरा ज्यादा नजर आ रहा है।
महिया-बेनीवाल बने है बड़े रोड़ा,पुराने दिग्गज भी कर रहे जोर अहमाईश
जिले की श्रीडूंगरगढ़ व लूणकरणसर पंचायत समितियों में हो रहे चुनावों में जहां विधायक गिरधारी महिया व सांसद हनुमान बेनीवाल दोनों ही दलों के लिये जीत में रोड़ा बने हुए है। वहीं कोलायत,खाजूवाला में केन्द्रीय मंत्री व विधायक को जीत के लिये जोर अजमाईश करनी पड़ रही है। जानकारी मिली है कि इन दोनों को विरोधियों से ज्यादा अपनों से दो दो हाथ ज्यादा करने पड़ रहे है। उधर नोखा में भी कुछ ऐसे ही हालात नजर आ रहे है।
साख पर लग न जाएं बट्टा
पंचायत चुनावों में पार्टियों और अपनों को जीताने के लिये सभी बड़े राजनेता लगे हुए है। उनको इस बात का डर सता रहा है कि उनके अपनों की हार से कही साख पर बट्टा न लग जाएं। यहीं नहीं जिले का यह पंचायत चुनाव कुछ राजनेताओं का भविष्य भी तय करेगा। अपने खोई साख को पाने के लिये तो कोई बनी साख को बचाने के लिये इस चुनाव में दिन रात एक किये हुए है। देखना अब यह मजेदार होगा कि आखिर कौन इस चुनाव का सिरमौर बनता है।