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जोधपुर। कोरोना का फैलाव रोकने के लिए जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सख्ती नजर आ रही है। नगर निगम व पुलिस की जॉइंट एन्फोर्समेंट टीम (जेट) का संयुक्त अभियान पूरे शहर में जोरशोर से जारी है। पावटा क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर को सीज किया गया। वहीं दूसरे कोचिंग सेंटर पर पच्चीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इन दोनों स्थान पर क्लास रूम में न तो सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जा रही थी और न ही विद्यार्थियों ने मास्क लगा रखे थे। इसी तरह दो स्कूलों में रोक के बावजूद पढ़ाई होने पर उन्हें बंद कराया गया। वहीं बड़ी संख्या में वाहनों के चालान भी काटे जा रहे है।
नगर निगम व पुलिस की जॉइंट एन्फोर्समेंट टीम दो दिन से शहर में लगातार दौरे कर विभिन्न स्थानों पर जांच कर रही है। आज सुबह यह टीम पावटा क्षेत्र में दो कोचिंग संस्थान पर यकायक पहुंच गई। इन कोचिंग संस्थानों में गाइड लाइन की बिलकुल भी पालना नजर नहीं आई। क्लासरूम में विद्यार्थी निकट बैठा रखे थे। वहीं किसी ने मास्क भी नहीं लगा रखा था। टीम के वहां पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई और सभी ने मास्क लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद एक कोचिंग संस्थान को सीज कर दिया गया। जबकि दूसरे पर पच्चीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह बोरानाडा और सिलावटा बासनी क्षेत्र में रोक के बावजूद दो स्कूलों में नवीं तक के छात्रों की कक्षाएं संचालित की जा रही थी। इस पर सभी बच्चों को घर भेज स्कूल बंद कराए गए।
लूणी तहसीलदार नारायणलाल सुथार की टीम को सूचना मिली कि कोरोना महामारी के दौर में क्षेत्र के रोहिचा खुर्द गांव में एक परिवार द्वारा जागरण व भोज में भीड़ एकत्र करने और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं की जा रही है। इस पर सुथार की टीम लूणी पुलिस के साथ रोहिचा खुर्द पहुंची और आयोजनकर्ताओं पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
जोधपुर के लिए आने वाले 15 दिन काफी महत्वपूर्ण
जिला कलेक्टर इंद्रजीतसिंह ने कहा है कि कोरोना संक्रमण को लेकर आने वाले 15 दिन काफी महत्वपूर्ण हैं। इसमें गाइडलाइन की पालना और टीकाकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तो यह संकट का समय भी गुजर जाएगा। इस बार संक्रमण का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ रहा है, जो चिंताजनक हैं। ऐसे में निगम, पुलिस व जिला प्रशासन के साथ पार्षद काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।