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जयपुर। सीईएससी राजस्थान ने स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार देने का फैसला किया है। सीईएससी राजस्थान की तीन कम्पनियां केईडीएल, बीकेईएसएल व बीईएसएल कई साल से कोटा, बीकानेर व भरतपुर में बेहतर गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति कर रही है। अब कम्पनी की ओर से की जा रही भर्ती में राज्य के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों से इस साल पास होने वाले युवाओं को अधिक से अधिक मौका दिया जा रहा है।
सीईएससी राजस्थान के महाप्रबंधक एचआर अरूणाभ साहा ने बताया कि कम्पनी ने वर्ष 2018-19 में कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्टिकल इंजीनियरों की भर्ती की थी। इन लोगों के बेहतर कार्य प्रदर्शन को देखते हुए कम्पनी ने फैसला किया कि कोटा व राजस्थान के युवाओं को और ज्यादा मौका दिया जाए। इसी सिलसिले में वर्ष 2019-20 में भी कम्पनी ने कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, भरतपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इस साल पास होने वाले उन छात्र-छात्राओं को मौका दिया जा रहा है, जिनके अब तक की शैक्षणिक परीक्षाओं में 60 प्रतिशत अंक आए हैं। इन युवाओं की लिखित परीक्षा व इंटरव्यू हो चुका है। इन परीक्षाओं में चयनित युवाओं को सीईएससी की विभिन्न कम्पनियों में कोटा, बीकानेर, भरतपुर, नोएडा, कोलकोता व अन्य स्थानों पर नियुक्त किया जाएगा।

डिप्लोमा कॉलेजों से पहली बार भर्ती

साहा ने बताया कि सीईएससी राजस्थान पहली बार कोटा डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज से इस साल इलेक्टिकल में डिप्लोमा पास होने वाले युवाओं को भी रोजगार का मौका देने जा रही है। इस सम्बंध में आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं की लिखित परीक्षा हो चुकी है। इंटरव्यू के बाद चयनित युवाओं को सीईएससी की विभिन्न कम्पनियों में नियुक्त किया जाएगा।

अत्याधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

उन्होंने बताया कि इस साल चयनित होने वाले युवाओं को कोलकाता व अन्य स्थानों पर भेजकर अत्याधुनिक तकनीक व वितरण प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अपने कार्य में पूरी तरह से दक्ष हो सके। साहा ने बताया कि सीईएससी राजस्थान की कोटा, बीकानेर व भरतपुर में बिजली आपूर्ति कर रही कम्पनियों में 50 प्रतिशत से अधिक स्थाई-अस्थाई कर्मचारी-अधिकारी राजस्थान के है।