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खुलासा न्यूज़, चूरू । रक्षाबंधन के तीन दिन पहले एक भाई ने ऐसा कदम उठाया कि परिजन गहरे सदमे में आ गए। दोनों बहिनें भाई का शव देखते ही दहाड़े मार-मारकर विलाप करती रही। फांसी के फंदे पर झूलने वाला देवेन्द्र अकेला भाई था। रक्षाबंधन के महज तीन दिन पहले ही भाई की अकस्मात मौत से दोनों बहनें सुधबुध खो बैठी। वह कहती रही-भैया अब हम किसकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधेंगी। किसका मुंह मीठा कराएंगी। कुकुम का तिलक किसके ललाट पर लगाएंगी…। जवान मौत पर परिजन का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गई। चूरू जिले के सरदार शहर में वार्ड नं. 12 निवासी देवेन्द्र (22) पुत्र रामलाल स्वामी ने गुरुवार को अपने कमरे में फांसी लगा ली। मृतक मोटर मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाता है। पिता को उसने घर जाकर वापस आने की बात कही थी। घर जाकर वह अपने कमरे में फंदे पर झूल गया। इस दौरान परिजन को पता चलने पर उसे राजकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। देवेन्द्र दो बहनों का इकलौता भाई था, जो दुकान में पिता का हाथ बंटाता था। यह पता नहीं चल सका है कि युवक ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया पिता की आकस्मिक मृत्यु से दुखी बेटे ने गुरुवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। उसको फंदे से उतार परिजन अस्पताल भी लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रामगंज थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार पहाडग़ंज पांच दुकान के पास रहने वाले कंवलजीत सिंह (27) पुत्र बलवीरसिंह ने गुरुवार सुबह घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के जीजा संजू ने बताया कि कंवलजीत सिंह के पिता बलवीरसिंह का तीन दिन पहले आकस्मिक निधन हुआ था। कंवलजीत पिता की मौत से दुखी था। गुरुवार सुबह परिवार के सदस्यों के साथ बैठा था। वह अचानक उठकर कमरे में गया और फंदे पर लटक गया। हालांकि परिजन ने उसे तुरन्त फंदे से उतार जेएलएन अस्पताल ले आए लेकिन यहां उपचार के दौरान कंवलजीत ने दम तोड़ दिया। संजू ने बताया कि कंवलजीत विवाहित था। उसके तीन बच्चे है। घटना से बच्चों के सिर से पहले दादा और अब पिता का साया उठ गया।