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बीकानेर। अब युवाओं को नौकरी लेने का नहीं नौकरी देने का समय आ गया है क्योंंकि राज्य सरकार द्वारा जारी 19 दिसम्बर 2019 की नई उद्योग नीति में निहित औद्योगिक छूटें, जिसका बीकानेर के औद्योगिक विकास में एक महत्त्वपूर्ण योगदान रहेगा और इससे नए नए उद्योग विकसित होंगे और पुराने उद्योगों में नवीनीकरण संभव हो सकेगा। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया बीकानेर जिला उद्योग संघ युवा उद्यमियों में जागरूकता लाने एवं बीकानेर के औद्योगिक विकास हेतु उद्योग नीतियों की एक बुकलेट भी तैयार करवाकर बीकानेर व आस पास के औद्योगिक क्षेत्रों में वितरण भी करवाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाणिज्य कर विभाग उपायुक्त रजनीकांत पंड्या ने बताया कि वाणिज्य विभाग ने रिप्स में अनेक एसी योजनाएं जारी की है जो उद्यमियों के लिए काफी लाभकारी होगी जिसमें 75 प्रतिशत तक एसजीएसटी सात सालों के लिए छूट का प्रावधान है । कार्यक्रम अध्यक्ष प्रभारी अधिकारी एवं सहायक भविष्य निधि आयुक्त अंशुल कुमार ने बताया कि रिप्स 2019 के अंतर्गत ईपीएफ में भी 50 से 75 प्रतिशत नियोक्ता भागीदारी का पुनर्भुगतान की भी व्यवस्था है और ईएसआईसी में भी एसी ही व्यवस्था है ।विशिष्ट अतिथि अनुभाग अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दीपक बंसल ने बताया कि बीकानेर में जल्द ही पानी की पर्याप्त उपलब्धता हेतु एक बड़ा प्रोजेक्ट जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री बीडी कल्ला के सान्निध्य में तैयार होने जा रहा है और रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र में नई पानी की टंकी का निर्माण एवं करणी औद्योगिक क्षेत्र के लिए पीने के पानी की उपलब्धता के लिये एस्टीमेट मुख्यालय भिजवा दिए गये है । सीए राजेश भूरा ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति नया उद्योग स्थापित करता है तो मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ऋण योजनाओं में 25 लाख रूपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा 25 लाख रूपये से 5 करोड़ तक 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा 5 करोड़ से 10 करोड़ तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय होगा 7 इसके लिए नए उद्यमियों को उद्योग मित्र लेना होगा । साथ ही नई उद्योग नीति के तहत स्टाम्प ड्यूटी व सात साल तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी व कृषि मंडी शुल्क में 100 प्रतिशत छूट भी मिलेगी । साथ ही रिप्स 2019 में थ्रस्ट सेक्टर बताये गए हैं, जिनमें केपिटल सब्सिडी 50 लाख रूपये तक की है 7 रिप्स 2019 में 5 से 7 प्रतिशत तक का ब्याज अनुदान भी है । नई उद्योग नीति की चर्चा में 200 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया।