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जयपुर। राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में ट्वीस्ट आ गया है। भाजपा ने कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों के सामने अपने दो उम्मीदवार मैदान में उतार दिए है और यदि नाम वापसी के दिन तक भाजपा के एक प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया तो निर्विरोध निर्वाचन नहीं हो पाएगा और मतदान कराया जाएगा। इससे पहले आज कांग्रेस-भाजपा उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस पार्टी से वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी ने पर्चा भरा तो वहीं भाजपा से राजेंद्र गहलोत और ओंकार सिंह लखावत ने पर्चा दाखिल किया। इस दौरान दोनों पार्टियों को कई वरिष्ठ नेता उनके साथ रहे। नामांकन से पहले विधानसभा पहुंचने पर कांग्रेस प्रत्याशी केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कक्ष में स्वागत किया। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 16 मार्च है जबकि मतदान की तिथि 26 मार्च है।
गहलोत— पायलट रहे मौजूद
कांग्रेस उम्मीदवार के सी वेणुगोपाल और नीरज डांगी के नामांकन दाखिल करने के दौरान उनके साथ सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे, सह प्रभारी विवेक बंसल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा समेत राजस्थान सरकार के मंत्री और कांग्रेस विधायक मौजूद रहे।
पूनिया और अन्य नेताओं ने भराया नामांकन—
भाजपा के उम्मीदवार राजेंद्र गहलोत और ओंकार सिंह लखावत के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया समेत पार्टी के विधायक मौजूद रहे। भाजपा ने दो दिन पहले गहलोत को ही राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन आज रणनीति के तहत दूसरी सीट के लिए ओंकार सिंह लखावत का पर्चा भी भरा दिया। लखावत पहले भी राज्यसभा सांसद रह चुके है, हालांकि उन्हें छह साल का कार्यकाल नहीं मिल पाया था।