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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपित को तीन साल के कारावास एवं दस हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। साथ ही अदम अदायगी अर्थदण्ड अभियुक्त छह माह का साधारण कारावास पृथक का भी आदेश जारी किया है।
अभियोजन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ने बताया कि परिवादिया उषा ने मोहनदान के विरूद्ध रिपोर्ट इस आशय की दर्ज कराई कि उसने अलग-अलग समय में 1,52, 500 रुपए उधार लिए तथा उक्त रुपयों की अदायगी बाबत एक चैक सुपुर्द किया। उक्त चैक समाशोधन हेतु 28 अक्टूबर 2009 पेश करने पर हस्ताक्षर भिन्नता के कारण अनादरित हो गया। परिवादिया द्वारा गलत हस्ताक्षर करके चैक देने क कहा तो उसने राशि देने से इनकार कर दिया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता में प्रकरण पंजीबद्ध कर बाद अनुसंधान आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया । अभियोजन की ओर से कुल सात गवाहों को परीक्षित करवाया गया।