>


खुलासा न्यूज़, बीकानेर । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में एक और सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। यह उदाहरण है ग्राम पंचायत मंूडसर की साथिन मनोहरी देवी जाट की बेटी का, जो मनोहरी देवी के आत्मविश्वास से आज महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाईजर बन गई है। बतातें हैं कि साथिन की बेटी मोनिका को घरवालों ने आगे की पढ़ाई के लिए मना कर दिया। लेकिन साथिन ने ठान लिया कि बेटी को पढ़ाना है।

उसने बेटी को पढ़ाना जारी रखा और जब अधिकारिता विभाग की सुपरवाईजर के पद की विज्ञप्ति निकली तो फॉर्म भरवाना तय हुआ। इस संघर्ष में विभाग उपनिदेशक व प्रचेता ने सहयोग करते हुए साथिन को कहा कि बेटी को पढ़ाना ही है। फॉर्म भरा और इसके बाद मामा बजरंग बेनीवाल, रामेश्वर बेनीवाल, ओमप्रकाश बेनीवाल, रेंवतराम बेनीवाल, भाई राधेश्याम मंूड व अशोक मूंड के सहयोग से कोचिंग शुरू हुई। बताया जा रहा है कि मोनिका अपनी मां के साथ महिला उत्थान के लिए होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में भी लगातार जाती रही है। मंूडसर के ग्रामीण मोनिका की इस सफलता से खासे उत्साहित हैं।