खुलासा न्यूज़, बीकानेर। सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं का नारे को प्रशासन भी खूब प्रचारित कर रहा है। लेकिन खाजूवाला में यह नारा केवल जुमला ही साबित हो रहा है। आखिर कैसे पढ़े बेटियां ?
प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की मनमानी सरकारी स्कूल में पढ़ रही बेटियों पर भारी पड़ रही है। यहां तक प्राइवेट बस ऑपरेटर्स बेटियों के बारे में कह रहे कि इन रेवड़ को भरने के लिए हम बसें नहीं चलाते है। इन बेतुके बोल पर प्रशासन भी बेखबर है। बड़ा सवाल यह कि पुलिस प्रशासन के सामने से धड़ल्ले से दौड़ती बसों पर क्यों कार्यवाही नहीं होती ?  दरअसल मामला यूं है कि खाजूवाला में सरकारी स्कूल में कई छात्राएं अध्ययन करती है। यह छात्राएं जो गांव से बसों में सवार होकर स्कूल पहुंचती है। शाम को स्कूल से छुट्टी होने के बाद 4 बजे स्टैंड पर यह पहुंच जाती है लेकिन साढ़े 5 बजे तक उन्हें प्राइवेट बस वाले नहीं बिठाते है।
छात्राओं का आरोप है कि यह बस ऑपरेटर्स यह कहते है कि इन रेवड़ को भरने के लिए हम बसें नहीं चलाते है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि इन ऑपरेटर्स को 5 की जगह 10 रुपए देते हैं, फिर भी बस में हमें नहीं बिठाते है।