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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। पंचायतीराज चुनाव पूरी तरह से उलझता हुआ नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब एक बार फिर से पंचायत चुनाव की लॉटरी निकल सकती है। यानी पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों का पूरी तरह समीकरण बदल चुका है। बदलते समीकरण के चलते सरपंचों की जमीन खिसकती नजर आ रही है, क्योंकि गोठ और वोट पर सरपंच उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई है। गांवों में रोज हो रही है गोठ के कारण सरपंच उम्मीदवार का खर्च बढ़ता जा रहा है। यदि लॉटरी फिर से निकली तो उम्मीदवारों की तैयारियां धरी की धरी रह जाएगी। इस चुनाव में 3 पद सरपंच, सदस्य और प्रधान पद के जमीन खिसक सकती है। विदित रहे, बीकानेर में दो चरण में चुनाव होने हैं। जिसमें पहला व चौथा चरण शामिल है। पहले चरण में नोखा में 43 सरपंच व 357 वार्ड पंच, श्री डूंगरगढ़ में 33 सरपंच व 303 वार्ड पंच, पांचू में 53 सरपंच व 489 वार्ड पंचों के चुनाव होने है। इनमें से कई स्थानों पर तो निर्विरोध निर्वाचन भी हुआ है।
रोक चौथे चरण के चुनाव में लगी है, जिसमें बीकानेर जिले की बची हुई छह पंचायत समितियों के चुनाव होने थे। इनमें पूगल, खाजूवाला, बीकानेर, लूणकरणसर, कोलायत, बज्जू शामिल है।
संभावना इस बात की भी जताई जा रही है कि यहां फिर से लॉटरी होगी। हालांकि पुनर्सीमांकन के बाद नव सृजित पंचायतों की पहली आरक्षण लॉटरी का फार्मूला यही है कि ये सभी सीटें रिजर्व ही रहती है। इनका 50 फीसदी हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया जाता है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि चौथे चरण के चुनाव के लिए नई तिथियां आती है या तयशुदा कार्यक्रम में ही सब हो जाता है।