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बीकानेर। ग्राम पंचायत सींथल के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी ने टेण्डर प्रक्रिया में अपने मनचाहे व्यक्ति एवं फर्म को कमिशन की एवज में टेण्डर देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला देहात कमेटी बीकानेर के महासचिव एडवोकेट गणेशदान बीठू ने पंचायतीराज मंत्री सचिन पायटल व पी.सी. किशन आयुक्त सहित एक दर्जन उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत सींथल के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी एवं सामग्री खरीद कमेटी सदस्यों पर टेण्डर प्रक्रिया में अपने मनचाहे व्यक्ति एवं फर्म को कमिशन की एवज में टेण्डर देने का आरोप लगाया है। बीठू ने ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच के खिलाफ विधि विरूद्ध एवं आरटीपीटी एक्ट 2013 के नियमों की धज्जियां उड़ाई है। इस संबंध में बीठू ने जांच करवाने और कार्यवाही करने की मांग की है। बीठू ने यह भी आरोप लगाया है कि सींथल के ग्राम विकास अधिकारी एवं सरपंच ने पूर्व में भी कई टेण्डर विधि विरूद्ध किये और अपने मनचाहे व्यक्ति एवं फर्म को दिये एवं राज्य सरकार को करोड़ों रुपयों की चपट लगाई है। अभी हाल ही में आर.टी.पी.पी. एक्ट 2013 की अवहेलना करके जो टेण्डर किये है। उनको निरस्त किया जाये। एवं ग्राम विकास अधिकारी के विरूद्ध कार्यवही करने की मांग की है।

गौतलब है कि राजस्थान सरकार एवं केन्द्र सरका दोनों ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि पंचायत स्तर पर सामग्री खरीद के टेण्डर आमंत्रित नहीं किये जाएंगे। संबंधित पंचायत समिति के द्वारा अपने क्षेत्राधिकारी की सभी पंचायतों में सामग्री खरीद का टेण्डर कार्यालय पंचायत समिति स्तर पर जारी किया जाकर नामचीन दो अखबारों में राज्य स्तर प विज्ञापन टेण्ड आमंत्रण का जारी किया जायेगा लेकिन सींथल सरपंच एवं विकास अधिकारी ने इन नियमों की धज्जियां उड़ाकर सरकार को लाखों रुपयों की चपत लगाने की नियत से टेण्डर आमंत्रित कर दिये है जो कि विधि विरूद्ध है।
सींथल ग्राम विकास अधिकारी चन्द्रकांत देपावत भारी कमिशन लेकर आर.टी.पी.पी. एक्ट 2013 की अवहेलना कर रहे है।