पीएमएवाई में गलत रिपोर्ट तो सम्बंधित होगा सस्पेंड-गौतम
जिला कलक्टर ने ली अधिकारियों की क्लास
बीकानेर । जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यदि किसी लाभार्थी की किस्त किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिपोर्ट न होने के अभाव में समय पर जारी नहीं हो पाती है, तो संबंधित के खिलाफ तुरंत निलंबन आदेश जारी किए जाएं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक में गौतम ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि एक आदेश जारी कर समस्त संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देशित किया जाए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की पूर्णता रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं होने के अभाव में किस्त जारी नहीं होने की स्थिति में जांच के बाद जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों में कोई शिकायत मिलती है तो इसकी तुरंत जांच की जाए, शिकायत पर प्राॅपर एक्शन हो ताकि पब्लिक का पैसा खराब नहीं हो। उन्होंने आई डब्ल्यू एस पोर्टल पर सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट अपडेट करने के निर्देश दिए।
गुणवतापरक हो निस्तारण
कुमार पाल गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई के ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध रूप से हो, साथ ही निस्तारण की गुणवत्ता बनी रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिला कलक्टर ने कहा कि अधिकारियों को बार-बार निर्देशों के बावजूद कई विभागों में संपर्क पोर्टल पर  6 माह से पुराने प्रकरण बकाया है, इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिवादी से करें बात
जिला कलेक्टर ने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर निस्तारित किए गए प्रकरणों की गुणवत्ता जांच करने के लिए सम्बंधित अधिकारी रैंडम रूप से परिवादी से बात करें तथा किसी भी प्रकार की कोताही पाए जाने पर ऐसे प्रकरणों को छांट कर बैठक में प्रस्तुत किया जाए।
कलक्टर की परीक्षा में फेल हुए अधिकारी
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं के प्रावधानों के बारे में अधिकारियों से सवाल किए। योजना की पात्रता, लक्ष्य से जुड़े सवालों पर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि अधिकारी सरकारी योजनाओं का अध्ययन करें। जब अधिकारियों को ही योजना के बारे में पता नहीं होगा, तो योजनाओं की क्रियान्विति कैसे होगी। अधिकारी स्वयं जानकारी रखें, ताकि पात्र और वंचित व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सके।
रणनीति बनाकर लागू करें निरोग राजस्थान मिशन
जिला कलक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निरोगी राजस्थान के उद्देश्य पूछते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना है ताकि लोग कम से कम बीमार पड़े। इसके लिए आवश्यक है कि जिला, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर तक रणनीति बनाकर समस्त एजेंसियों का इस्तेमाल करते हुए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाया जाए। मुय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अगले 3 महीने (मार्च 2020 तक) की कार्ययोजना बनाकर मंगलवार शाम तक अनुमोदित करवाकर लागू करें।
गौतम ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग यह सुनिश्चित करे कि पेचवर्क के समस्त काम गुणवत्तापरक तरीके से समय पर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने निगम आयुक्त से कहा कि गंगाशहर सहित शहर के कई क्षेत्रों में सड़कें खस्ताहाल है। आमजन को इससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत प्रभाव से इन क्षेत्रों में पेच वर्क का कार्य करवाया जाए। उन्होंने कहा कि निगम असहाय और निराश्रित पशुओं को पकड़ने के कार्य में तेजी लाएं, साथ ही सफाई व्यवस्था में मॉनिटरिंग सिस्टम बनाकर अधिकारियों को संजीदा करते हुए उनसे काम करवाएं ताकि प्रभावी परिणाम लाए जा सके।
जिला कलक्टर ने कहा कि सर्दी के मौसम में पाइप लाइन में लीकेज की शिकायतें अधिक रहती है इसके मद्देनजर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पाइपलाइन आदि ठीक करवाएं। उन्होंने कहा कि यदि इस कार्य में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाए। जिला कलक्टर ने नगर विकास न्यास सचिव को शहर में सौंदर्यकरण के काम प्राथमिकता से करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जयपुर रोड स्थित विभिन्न एजेंसियों और प्रतिष्ठानों को इस संबंध में पाबंद किया जाए कि वह अपने आसपास के क्षेत्रों में सफाई रखें।

मनरेगा में स्कूलों से जुड़े काम प्राथमिकता से करें
जिला कलक्टर गौतम ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत यह प्रयास किया जाएं कि स्कूलों के काम प्रमुखता से स्वीकृत हो। उन्होंने कहा कि खेल मैदान, गड्ढे भरने आदि स्कूलों के विकास से जुड़े जिन कार्यों के प्रस्ताव मिले उन्हें प्राथमिकता से स्वीकृत करें। इस योजना के तहत प्रयास किया जाए कि पंचायतों को मिलने वाले पैसे का स्कूलों के विकास में प्रमुखता से उपयोग हो सके।

1 सप्ताह में शुरू हो मदरसों में पोषाहार
जिला कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को 1 सप्ताह में सर्वे करवाने के पश्चात मदरसों में पोषाहार वितरण प्रारंभ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने यहां 15 सूत्री कार्यक्रम के तहत प्राप्त किए गए लक्ष्यों की सूचना नियमित रूप से संबंधित विभाग को भेजें ताकि योजना की उचित स्तर पर समीक्षा की जा सके। बैठक में निगम आयुक्त डाॅ प्रदीप के गवाडे, प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा सहित पानी, विद्युत, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।