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– पीबीएम में कब सुधरेंगे हालात
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। एक तरफ जहां राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का दावा कर रही है तो दूसरी और सरकार के ही मंत्री के रिश्तेदार को इलाज के खातिर इधर-उधर भटकना पड़ता है। डॉक्टर नींद में सोते मिले, किसी ने मंत्री के तड़पते रिश्तेदार की तकलीफ को ना समझी। ऐसे में मंत्री को फोन लगाने के बाद डॉक्टर हरकत में आए और तीन गरीबों की छुट्टी करके मंत्री के रिश्तेदार को भर्ती करके इलाज शुरू किया। अब सवाल उठना यह लाजमी बन जाता है कि मंत्री के रिश्तेदार की यह स्थिति है तो आमजन की क्या स्थिति होती होगी ?
पीबीएम प्रशासन ने मंत्री के रिश्तेदार को भर्ती करने के लिए तीन गरीब मरीजों की छुट्टी की, उनकी स्थिति कैसी थी ?

दरअसल मामला यह है कि शनिवार रात्रि को 3 बजे मंत्री के रिश्तेदार की तबीयत ज्यादा खराब हो जाती है। ऐसे में मंत्री के रिश्तेदार को पीबीएम अस्पताल के कार्डियोलॉजी में ले जाया जाता है वहां पर चिकित्सा सुविधा न होने का कहकर ट्रोमा सेंटर भेज दिया जाता है। यहां पर डॉक्टर नींद में सोते मिले, किसी न कोई परवाह नहीं की । ऐसे में नाराज मंत्री के रिश्तेदार मंत्री को फोन लगाते है और अपनी पीड़ा बताते है। इसके बाद मंत्री करीबन 4.30 बजे पीबीएम प्रशासन पर दबाव बनाते है और त्वरित इलाज मुहैया करने की हिदायत देते है। मंत्री के फोन के बाद पीबीएम प्रशासन हरकत में आय और आनन-फानन में तीन मरीजों की छुट्टी करके मंत्री के रिश्तेदार को भर्ती करते है।