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खुलासा न्यूज़, बीकानेर/ नोखा । ओमप्रकाश को कहां-कहां ढूंढा गया, लेकिन कहीं नहीं मिला। हमनें तो जिंदा होने की उम्मीद ही छोड़ दी। लेकिन परमात्मा की मेहरबानी से आज मुझे भाई मिल ही गया। यह वाकया तब हुआ जब काफी साल बाद बिछड़े भाई से मिला तो भाई ने यह दर्द भरी दास्तां सुनाई।
जानकारी के अनुसार अपना घर आश्रम बिकासर की बदौलत दो भाईयों का आपस में मिलाप हुआ। ओमप्रकाश अपने परिवार जनों से बिछडऩे के बाद अपना घर आश्रम में शिफ्ट किया गया था। आश्रम का व्यक्ति कोठरा जिला होसनगबाद जाकर ओमप्रकाश को अपने भाई रामप्रसाद के पास छोड़कर आया।