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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। जनता के थानेदार विष्णुदत्त बिश्नोई सुसाइड केस की पुरजोर तरीके से पैरवी करने से नाराज सीएम अशोक गहलोत सहित सरकार ने एडवोकेट गोवर्धनसिंह को जेल भेजने की सम्पूर्ण ताकत झौंक दी है। यह कहना है अधिवक्ता गोवर्धनसिंह का। गोवर्धन सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें बताया कि सीएम व राजस्थान सरकार ने मुझे जेल भेजने की तैयारी में जुटे हुए है। उन्होंने बताया कि जेल भी इंसन ही जाते हैं, जेल जाना पड़ा तो जेल से वापिस आकर हिन्द की जय फिर से करेंगे।

जानिए गोवर्धनसिंह ने अपने फेसबुक पेज पर क्या लिखा है..

आदरणीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत सहित राजस्थान सरकार ने एडवोकेट गोवर्धन सिंह को जेल भेजने के लिए सम्पूर्ण ताक़त झौंक दी है…

एडवोकेट गोवर्धन सिंह के 2 प्रमुख दोष बताए जा रहे हैं:-
1. न्यायमूर्ति श्री विष्णुदत्त जी विश्नोई की संदिग्ध मौत के मामले में अनुसंधान CBI में ले जाने और उनको न्याय दिलाने का प्रयास एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने किया…

2. एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने जनता को जागरूक करने का प्रयास किया जिससे राजस्थान के बड़े भ्रष्टाचारियों पर बड़ा संकट आने लगा है…

पूरी जनता को यह पता है कि “मेरे खिलाफ दर्ज SCST का केस पूर्णतः झूठा है क्योंकि अगर पुलिस थाने में FIR दर्ज करने के लिए केवल शिकायत करने से अगर SCST के आरोप में केस दर्ज होने लगा तो देश बर्बाद हो जाएगा…”

आप सभी जानते हैं कि आदरणीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत खाकी का दुरूपयोग कर, किसी को भी ठिकाने लगाने के लिए देश भर में मशहूर हैं इसलिए इनको जब मेरा कोई ईलाज नहीं मिला तो SCST वाले झूठे केस में बन्द कराना ज्यादा उचित लगा लेकिन इस झूठे केस में एडवोकेट गोवर्धन सिंह को अधिकतम 2-3 दिन जेल में तब रख पाएँगे जब राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दी गई “अंतरिम राहत के आदेश” निरस्त हो पाएंगे…

आदरणीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और राजस्थान सरकार में राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा एडवोकेट गोवर्धन सिंह के पक्ष में जारी किए गए अंतरिम आदेश को निरस्त कराने के लिए उक्त कार्य किए हैं:-

1. राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा हजारों आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी पर रोक अथवा अन्य अंतरिम राहत के आदेश जारी किए गए हैं। राजस्थान सरकार ने, केवल एडवोकेट गोवर्धन सिंह के पक्ष में जारी किए गए अंतरिम आदेश को निरस्त कराने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष प्रार्थना-पत्र पेश किया है…

2. राजस्थान सरकार को ऐसे अन्य मामलों में प्रार्थना पत्र पेश करने का समय नहीं है लेकिन इस मामले में अंतरिम आदेश निरस्त कराने के लिए सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है…

3. उक्त मामले में उच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2020 की दिनांक तय की गई थी लेकिन राज्य सरकार ने उक्त मामले को तय दिनांक से पहले दिनाँक 31.07.2020 को यानि कल ही लगवा लिया है…

4. इसी तरह के अन्य मामलों में पैरवी करने के लिए सामान्यतः सरकारी वकील तय किया जाता है लेकिन राज्य सरकार ने इस मामले में पैरवी के लिए एडवोकेट गोवर्धन सिंह के खिलाफ अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री आर पी सिंह को मैदान में उतारा है…

5. इसी मामले में वसुंधरा सरकार के समय अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे एडवोकेट अभिनव शर्मा भी एडवोकेट गोवर्धन सिंह को जेल भिजवाने के लिए मैदान में उतर आए हैं…

आदरणीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप सहित समस्त राजस्थान सरकार जोर लगाकर एडवोकेट गोवर्धन सिंह को जेल भिजवाना चाह रही है, हालांकि यह काम इनके लिए सरल नहीं होगा लेकिन एडवोकेट गोवर्धन सिंह जनता को जागरूक करने का काम लगातार जारी रखेंगे, चाहे जेल जाना पड़े या जेल नहीं जाना पड़े…

जेल भी इन्सान ही जाते हैं, जेल जाना पड़ा तो जेल से वापिस आकर “हिन्द की जय” करेंगे….

आपका अपना
एडवोकेट गोवर्धन सिंह
राजस्थान उच्च न्यायालय,
जयपुर