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एन.आई. कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट मनदीप कौर ने दिया फैसला
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। चेक अनादरण मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट मनदीप कौर ने आरोपित को 2 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 51 लाख 75 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। परिवादी के अधिवक्ता योगेश पारीक, चन्द्रशेखर हर्ष ने बताया कि परिवादी मनमथ नारायण पुरोहित पुत्र स्व. सरजू नारायण पुरोहित निवासी धर्मनगर द्वार के अंदर ने अभियुक्त रामधन के खिलाफ धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम के तहत परिवाद न्यायालय में पेश किया था।

 

जिसमें बताया कि 2013 में उसकी 2000 वर्ग गज कृषि भूमि वाके ग्राम रोही नत्थूसर तहसील को विक्रय करनी चाही जिस पर उक्त भूमि रामधन सारण पुत्र हमीराराम सारण निवासी धर्मनगर द्वार के अंदर ने 23 अगस्त 2013 को जरिए इकरारनामा 45 लाख रुपए में खरीद कर ली। इस भूमि की कीमत अदा करने के लिए आरोपी ने परिवादी को 15-15 लाख के तीन चेक दिए।

परिवादी ने 15 जून 2016 को बैंक में भुगतान के लिए तीन चेक (पन्द्रह लाख के तीन चेक) लगा दिए, लेकिन खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गया। बाद में परिवादी ने परिवाद धारा 138 के तहत मामला दर्ज कराया। न्यायिक मजिस्ट्रेट मनदीप कौर ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपित रामधन सारण पुत्र हमीराराम सारण निवासी धर्मनगर द्वार के अंदर, बीकानेर को 2 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसे 51 लाख 75 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।