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जयपुर। करीब दो सप्ताह पहले जो विधायक खरीद फरोख्त मामले में जो टेप कांड उजागर हुआ था उसकी जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फोरेसिंक को टेप की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को फोरेसिंक विभाग ने जांच पूरी कर रिपोर्ट एसओजी को सौंप दी है। एसओजी अफसरों का कहना है कि टेप से किसी तरह की कोई छेडछाड नहीं की गई है। टेप में जो आवाजें सुनी गई थी वे वैसे ही हैं। उनमें किसी तरह की घालमेल नहीं की गई है। हांलाकि अफसरों ने अभी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। उनका कहना है कि यह जांच का हिस्सा है और रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी। हांलाकि अब एसओजी अफसरों ने फिर से विधायकों से पूछताछ और उनकी वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इस बारे में पल—पल की रिपोर्ट सीधे सरकार तक भेजी जा रही है। अफसरों का कहना है कि अगर विधायक वॉयस सैंपल देते हैं तो उसकी जांच के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा कि टेप में सुनाई दे रही आवाज उन्हीं की है या फिर किसी और की। उधर टेप में विधायक भंवर लाल शर्मा का नाम भी बताया जा रहा हैं। इसके चलते शर्मा ने इस पूरे केस की जांच एनआईए से कराने की मांग कोर्ट से की है। एसओजी अफसरों को भी इस केस में पार्टी बनाया है। उधर टेप कांड के बाद गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी संजय जैन ने भी अपना वॉयस सैंपल देने से इंकार कर दिया है। सैंपल लेने के लिए एसओजी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।