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जयपुर. कोविड-19 महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच राज्य सरकार का बड़ा फैसला लेते हुए निजी चिकित्सालयों से बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित करने तथा आमजन को सहज व सुलभ उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोविड-19 में कार्यरत निजी चिकित्सालयों में प्रशासनिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है.

समस्याओं के निराकरण तथा वैक्सीनेशन कार्य में गति देने के लिए लिया निर्णयः
शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सिद्धार्थ महाजन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में निजी चिकित्सालय कोरोना संक्रमण से बचाव, रोकथाम एवं उपचार सेवाओं में एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इस विषम परिस्थिति में कई निजी चिकित्सालयों ने आमजन के प्रति अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि नोडल अधिकारी नियुक्त होने से कोविड उपचार हेतु उपलब्ध बेड्स की संख्या बढ़ाने, निजी चिकित्सालयों के समक्ष आने वाली समस्याओं के निराकरण तथा वैक्सीनेशन के कार्य में गति मिलेगी.

45 निजी चिकित्सालयों में अधिकारी नियुक्तः
शासन सचिव ने बताया कि जयपुर जिले के 45 निजी चिकित्सालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं. साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में निजी चिकित्सालयों हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए संबंधित जिला कलक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि सभी नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों को संबंधित निजी चिकित्सालय में नियमित रूप से भ्रमण कर आवश्यक सूचनाएं निर्धारित प्रपत्र में भरकर भिजवाएंगे.

25 प्रतिशत बैड्स कोविड-19 मरीजों के लिए रिजर्वः 
महाजन ने बताया कि नोडल अधिकारी 60 या इससे अधिक बिस्तर क्षमता वाले चिकित्सालयों में उपलब्ध बेड्स में से श्रेणीवार 25 प्रतिशत बैड्स कोविड-19 मरीजों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. कोविड संक्रमित मरीजों, राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री हेल्पलाईन या जिला प्रशासन द्वारा रैफर किए गए मरीजों को हैल्प डेस्क के माध्यम से बैड्स उपलब्ध होने पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे. साथ ही आवश्यकता के अनुसार आरक्षित बैड्स की संख्या बढ़ाने हेतु निजी चिकित्सालयों को प्रेरित करेंगे. उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति की समीक्षा कर निराकरण करेंगे. साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी मरीजों का निर्धारित दरों पर उपचार किया जाए.