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जयपुर। बिना पैसे—धेले के कोई त्योहार मन सकता है भला! पर अब ऐसा ही होगा। इस बार होली पर आपकी माली हालत खस्ता रह सकती है। अगले महीने लगातार कई दिनों तक बैंक बंद रहेंगे। इसके कारण एटीएम भी खाली हो जाएंगे। बैंकों की हड़ताल के कारण यह स्थिति निर्मित होने की आशंका है। ऐसे में उपभोक्ता पैसों के लिए परेशान हो सकते हैं। इधर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का साफ कहना है कि केंद्र सरकार उनकी जायज मांगों पर भी ध्यान नहीं दे रही है। इस वजह से हड़ताल जैसा सख्त कदम उठाना पड़ रहा है।बैंक यूनियन ने 11 मार्च से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। बैंक एम्पलॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया बैंक एम्पलॉइज एसोसिएशन के तत्वावधान में यह हड़ताल तीन दिन तक चलेगी। इससे पहले 10 मार्च को होली के त्योहार के कारण बैंक बंद रहेंगे। हड़ताल के कारण 11 मार्च, 12 मार्च और 13 मार्च को बैंक बंद रहेंगे। वहीं 14 मार्च को सेकेंड सेटरडे और 15 मार्च को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंग। इस तरह पूरे 6 दिनों तक बैंक का कामकाज ठप रहेगा. बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की यह हड़ताल देशव्यापी होगी। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के कर्मचारी—अधिकारी शामिल होंगे। बैंक कर्मचारियों के संगठन वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं। वेतन संशोधन को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ बातचीत विफल रहने के बाद बैंक हड़ताल तय मानी जा रही है। इंडियन बैंक एसोसिएशन ने वेतन में 12.5 फीसदी वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है, जोकि अधिकारियों—कर्मचारियों को मंजूर नहीं है।
लगातार 6 दिनों तक बैंक बंद रहने से जमा , निकासी और चेक क्लीरेंस जैसी सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इस वजह से एटीएम भी खाली रहने की आशंका है। इससे पहले भी 31 जनवरी और 1 फरवरी को लगातार दो दिन बैंकों में हड़ताल थी। इस दौरान भी अधिकांश एटीएम खाली हो गए थे। बैंक आफ महाराष्ट्र ऑफिसर्स एसोसिएशन की जयपुर यूनिट के एक्टिविष्ट सुदर्शन वशिष्ठ बताते हैं कि वेज रिवीजन और बैंकों में पांच दिन के कार्यदिवस जैसी जायज मांगों पर भी सरकार ढुलमुल रवैया अपना रही है. हमने हड़ताल टालने के हर संभव प्रयास किए पर अब कोई विकल्प नहीं बचा है।
ये हैं अन्य प्रमुख मांगें
— बेसिक पे में स्पेशल भत्ते का विलय हो
— एनपीएस को खत्म किया जाए
— परिवार पेंशन में सुधार किया जाए
— रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर रखा जाए
— कार्यों के घंटे और लंच टाइम का उचित निर्धारण हो.