बीकानेर। एक ओर राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाकर सस्ती ओर अच्छी शिक्षा देने का दावा कर रही है। वही दूसरी ओर सरकारी स्कूलों के हालात देखकर सरकार के दावों की पोल भी खुल रही है। कुछ ऐसी ही बदहाल हालत में है राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय
करमीसर। आमजन को सफाई का संदेश देने वाली इस स्कूल में जगह जगह कचरा पड़ा है। बदहाली का आलम ये है कि विद्यालय का खेल मैदान पत्थरों, कंटीली झाड़ियो से भरा पड़ा है मैदान में खेलना तो दूर की बात है चलना भी दूभर हो गया है। विद्यालय परिसर में लगे हुए छायादार पेड़ सुख कर लकड़े बन गए हैं । विद्यालय की दो साइड की चारदीवारी जगह जगह से टूटी हुई है। मंजर ये है कि हमेशा यह भय बना रहता है कि कहीं किसी बच्चे के ऊपर दीवार गिर ना जाए। विद्यालय के छत का पानी जल संरक्षण के तहत कुंडों में संरक्षित करने हेतु पाइप लगाए गए हैं लेकिन उन पाईपों के नीचे बने गड़े कचरे से भरे हुए है।जबकि स्कुलो के जीर्णोद्धार के लिए समय समय पर विभाग के विभिन्न मदो से राशि स्वीकृत भी होती है।