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बीकानेर। अन्तर्राष्ट्रीय द्वारिका रणुजा संगम संस्थान द्वारा बाबा रामदेव जी के जीवन काल से सम्बन्धित ऐतिहासिक स्थलों की सार संभाल के साथ नवीनीकरण, सौंदर्यकरण, जीर्णाेद्वार और प्रतिमाओं की स्थापना करवाने का वृहद अभियान पिछले २९ वर्षो से लगातार जारी है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रकाश सुखलेचा ने बताया कि वर्तमान में संस्था के ८२८०० सदस्य है। संस्था बाबा रामदेव जी के जीवनकाल परचा स्थलों और प्राचीन मंदिरों के जीर्णाेद्वार के कार्य करवा रही है। उन्होंने बताया कि संस्थान रामदेवरा मार्ग पर वृक्षारोपण तथा मैले में पदयात्रियों के लिए खाने पीने आदि की व्यवस्था करने वालों द्वारा खाद्य सामग्री के दुरूपयोग के खिलाफ अभियान चलायेगी। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा रूणिचा के निज मंदिर में डाली बाई समाधि स्थल, जाल मंदिर पर डाली बाई की प्रतिमा, बाबा रामदेव की घुड़साल में सम्पूर्र्ण प्रतिमाएं लगाई जा चुकी है। रूणिचा निज मंदिर में डालीबाई समाधि स्थल पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को पहुचनें के लिए संस्था द्वारा निशुल्क बस व ट्रेन के टिकेट भी उपलब्ध करवाये गये। भक्तों के लिए रूकने, चाय- नाश्ता, खाने की व्यवस्था के साथ भंडारे का आयोजन किया गया। रात को आयोजित विशाल जागरण में गायक कलाकारों ने बाबा के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। प्रकाश सुखलेचा ने बताया कि तीर्थ श्री वीरमदेवरा में वीरमदेव जी व रामदेव जी की चौसर खेलते हुए एवं अश्वारूढ़ की प्रतिमाओं की स्थापना भी विधिवत रूप से हो चुकी है। इसके अलावा तीर्थ में छतरियां लगवाने, दो कमरे बनवाने, पांच पीपली तीर्थ का विकास करावने, डाली बाई का कोटड़ी मंदिर सही करवाने, वहां पर डाली बाई के पगलिया व पानी की व्यवस्था करवाने का कार्य भी संस्था द्वारा करवाया जा रहा है। प्रकाश सुखलेचा बाबा रामदेव जी के २५०० भजन परचे, दोहे लिख चुके है। जानकारी में रहे कि संस्था व प्रकाश सुखलेचा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा सम्मानित किया जा चूका है।