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बीकानेर। बाल वाहिनी के अवैध संचालन की जांच बुधवार को स्कूली बच्चों पर भारी पड़ गई। जैसलमेर रोड पर महिला परिवहन अधिकारी की हठधर्मिता के चलते भरी गर्मी में बच्चों को परेशान होना पड़ा। ये बच्चे स्कूल वेन का इंतजार करते रहे और अधिकारी बीच सड़क गाड़ी को सीज कर कोडमदेसर मार्ग पर निकल गई। स्कूल प्रबंधन ने बाद में टैक्सी से बच्चो को घर भेजा। सुबह 7 बजे घर से निकले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी शिकायत की गई लेकिन उन्होंने भी कागजात के ओरिजनल कागज के नाम पर कोई सहयोग नहीं किया।
जाते वक्त क्यों हो चैकिंग
अधिकांश बच्चे सुबह 7 बजे घर से निकलते हैं और भूखे प्यासे धके हुए 1 से 2 बजे घर के लिए निकलते हैं। इसी दौरान परिवहन विभाग जांच करता है, ऐसे में बच्चों को बीच सड़क परेशान होना पड़ता है।
मंत्री को दिखाने के लिए
दरअसल विधानसभा में एक सवाल का जवाब देने के लिए बीकानेर में स्कूली गाडिय़ों की धरपकड़ की जा रही है। बताया जाता है कि चालान ज्यादा से ज्यादा दिखाने के लिए ऐसा हो रहा है।
निजी संस्थाओं का विरोध
निजी शिक्षण संस्थानों ने मांग की है कि वाहनों की चैकिंग दोपहर में बच्चों के घर जाते वक्त नहीं की जाए। अगर करनी भी पड़े तो वाहनो को सीज नहीं करें। वाहन चालक से कागज लेकर कार्रवाई को अंजाम दें।