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खुलासा न्यूज़, बीकानेर। नापासर थाना क्षेत्र के बेलासर गांव में दलित समुदाय के दूल्हे को दूसरे समुदाय द्वारा घोड़ी चढऩे से रोकने से पैदा हुआ विवाद में अब दोनों समुदायों में बड़ी रंजिश खत्म हो गई है। इस संबंध में नापासर पुलिस ने आज दोनों पक्षों के साथ बैठक की। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने की इस घटना के बाद दोनों समुदायों के तनाव की स्थितियां पैदा हो रही थी। इस अशांत माहौल से निपटने व स्थाई समाधान कर समाजों मेंं शांति स्थापित करने के लिए नापासर थाने के द्वारा उपखंड अधिकारी कैलाश शर्मा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों समुदायंों के मौजीज लोगों से गांव में सौहार्द का वातावरण बना रहे, इसके लिये समझाइश की गई।

उपखंड अधिकारी शर्मा बोले- इसलिए सद्भाव से रहें
उपखंड अधिकारी शर्मा ने कहा कि एक ही गाँव में साथ साथ रहकर जातिगत भेदभाव रखेंगे तो सभी का जीना मुश्किल हो जायेगा, गाँव में हमेशा अशांति का माहौल रहेगा, आपसी रंजिशों से दोनों समाजंों के युवाओं व बच्चों के भविष्य पर गलत असर पड़ेगा इसलिए सद्भाव से रहें।

सीओ भोजराज सिंह बोले- जो भी घटना घटित हुई, सभ्य समाज के विरूद्ध
सीओ भोजराज सिंह ने कहा कि जो भी घटना घटित हुई है वह एक सभ्य समाज के विरुद्ध है। आपसी भाईचारा बना रहे ताकि गाँव में शांति व्यवस्था बनी रहे। थानाधिकारी चंद्रभान चोटियां ने कहा कि जो भी हुआ उसे भूलकर आपसी मनमुटाव को दूर करके एक दूसरे के साथ प्रेम से रहे। छोटी-मोटी बातों से लंबे समय से चला आ रहा अपना आपसी प्रेम व भाईचारा ना खोयें। नापासर पुलिस ने दोनों समुदायों को गांव की सरकारी संस्कृत स्कूल में बुलाया था। यहांं राजपूत समाज के लोग तो पहुंच गए लेकिन मेघवाल समाज ने स्कूल में आने से मना कर दिया। इसके बाद एसडीएम शर्मा ने दोनों समुदायों से अलग-अलग शांति वार्ता करके गाँव में सोहार्द, प्रेम व आपसी भाईचारा बनाने की अपील की।