बारां.करीब एक सप्ताह पहले शहर के कुंजविहार कॉलोनी निवासी कार चालक युवक नीरज मेहरा की हत्या कर शव मध्यप्रदेश के जंगलों में फैंकने की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने गुरुवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी तीन दोस्तों ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपहरण कर फिरौती से पैसा कमाने के लालच में उनके ही पड़ौसी युवक की निर्ममता पूर्वक हत्या की थी। इससे उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। हत्या के आरोपी तीनों दोस्त अब सींखचों में पहुंच गए। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि सबरवाल ने बताया कि कुंज विहार कॉलोनी निवासी आरोपी विनोद ओझा एवं विष्णु गौतम ने बड़े व्यापारी, व्यापारी के परिजन का अपहरण करने तथा फिरौती से पैसे कमाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए सबसे पहले लग्जरी कार की आवश्यकता थी। कार हथियाने के लिए विनोद ओझा ने उसके पड़ोसी बुकिंग कार चालक मृतक नीरज मेहरा (22) की कार लखनऊ जाने के लिए बुक की तथा 25 अगस्त की रात बरडिय़ा बालाजी बायपास से कार में लखनऊ रवाना हो गए। बारां की सीमा से सटे कराहल के जंगलों में तीनों ने रस्सी से गला घोंट कर चालक नीरज को अचेत कर दिया तथा हाथ पैर बांध कर जंगल में फेंक दिया। मृतक की पहचान छुपाने के इरादे से उसके सिर को बड़े पत्थर से सिर कुचल दिया था।
दो दिनों तक बारां में रहे आरोपी कार लेकर बारां आ गए। दो दिनों तक कार को बारां में रखा। उधर, 27 अगस्त को कराहल के जंगल कुचला हुआ शव मिलने से मध्यप्रदेश पुलिस हरकत में आ गई। वहां पुलिस ने मृग दर्ज कर शिनाख्त के लिए फोटो समेत विवरण सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बारां शहर में सोशल मीडिया पर फोटो देखकर परिजनों ने 29 को वहां पहुंचकर शव की शिनाख्त की। दूसरे दिन 30 अगस्त को मृतक के भाई लोकेश मेहरा ने शहर कोतवाली में अज्ञात जनों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोपियों को इसकी भनक लगी तो वह घबरा गए। उन्होंने पकड़े जाने के डर से आनन-फानन में कार को बारां से ले जाकर शाहाबाद के जंगलो में छोड़ दिया तथा खुद वापस बारां लौट आए।