नई दिल्ली: दिल्ली के शिक्षा निदेशालय (DOE) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को पत्र लिखकर उससे‘ कोविड-19 के आर्थिक प्रभावों’ के मद्देनजर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए 10 वीं एवं 12 वीं कक्षाओं का बोर्ड परीक्षा शुल्क माफ करने को कहा है. डीओई के निदेशक उदितप्रकाश राय ने कहा कि निदेशालय को कई अभिभावकों से अनुरोध मिल रहे हैं, जिसमें वे वर्तमान महामारी के चलते आय खत्म हो जाने के कारण परीक्षा शुल्क जमा करने में असमर्थता जता रहे हैं.

निदेशालय द्वारा 23 सितंबर को लिखे गये पत्र में कहा गया है महामारी ने विश्व भर में कारोबार में बाधाएं एवं नौकरियां में कटौती और आर्थिक संकट पैदा कर दिया है. महामारी ने जीवन के सभी पहलुओं पर बुरी तरह असर डाला है. वर्तमान कोविड महामारी के चलते एक तरफ तो कई परिवारों ने अपनों को खोया जबकि कई लोग बेरोजगार हो गये. उसमें कहा गया है कि लंबे समय बाद, औपचारिक शिक्षा एक बार विद्यालयों में प्रारंभ हुई है. अब अभिभावकों के सामने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा शुल्क को भरने की समस्या उठ खड़ी हुई है. महामारी के ‘आर्थिक प्रभाव’ का हवाला देते हुए राय ने बोर्ड से सरकारी सहायता प्राप्त सभी विद्यालयों, पत्राचार विद्यालय, नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद, दिल्ली छावनी बोर्ड, समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों के 10 एवं 12वी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए केवल एक बार के उपाय के तौर पर 2021-22 के लिए परीक्षा शुल्क माफ करने का अनुरोध किया.