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बीकानेर। ग्राम पंचायत जामसर का रिकॉर्ड खुर्दबुर्द कर करोड़ों रुपए का गबन करने का मामला सामने आया है। यह मुकदमा बीकानेर पंचायत समिति के विकास अधिकारी भोमसिंह इंदा पुत्र भीमसिंह ने दो तत्कालीन सरपंच, ग्राम सेवक सहित पांच जनों के खिलाफ दर्ज कराया है। परिवादी भोमसिंह ने पुलिस को रिपोर्ट देते हुए बताया कि पंचायत समिति बीकानेर के अधीनस्थ ग्राम पंचायत जामसर की वर्तमान पंचायत बॉडी के पास जनवरी 2015 से पूर्व का कोई भी राजकीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इससे पूर्व कार्यकाल के सरपंच अजीजा (जनवरी 2010 से दिसंबर 2014) व रफीक शाह (जनवरी 2005 से दिसंबर 2009) द्वारा कदाशय पूर्ण तरीके से रिकॉर्ड हस्तांतरण पिछले लगभग पांच वर्षों से नहीं किया गया जा रहा है। उस कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायत जामसर के तत्कालीन सरपंच, ग्राम सेवक द्वारा करोड़ों रुपए नियम विरुद्ध ग्राम पंचायत जामसर के खाते ओबीसी बैंक कोठारी मेडिकल सेंटर शाखा से आहरित की गई। इस कृत्य को छुपाने के लिए इन सभी ने पंचायत रिकॉर्ड को खुर्दबुर्द कर लोप करने की चेष्ठा की। इस कारण राज्य सरकार द्वारा प्रवर्तित पंचायत दिवस कार्यक्रम व अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख संधारण का कार्य नहीं हो पाया। भोमसिंह इंदा का आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में कई बार जिला स्तर और ब्लॉक स्तर से पत्र व्यवहार हो चुका है। अधोहस्ताक्षरकर्ता द्वारा बार-बार नोटिए दिए गए व पूर्व सरपंच रफीक शाह से व्यक्तिगत संपर्क किया गया व मोबाइल पर संपर्क कर अवगत करवाया गया तथा आम सूचना सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की गई।
भोमसिंह इंदा ने बताया कि वर्तमान में स्थानीय अंकेक्षण विभाग की टीम द्वारा पंचायत समिति की विभिन्न ग्राम पंचायतों का अंकेक्षण किया जाना है परंतु रिकॉर्ड के अभाव में अंकेक्षण संभव नहीं है। इस षड्यंत्र में शामिल लोगों को आशंका है कि प्रकरण की जांच एवं अंकेक्षण में उनके कारनामें उजागर हो सकते है इसलिए ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड को खुर्दबुर्द कर दिया गया।
परिवादी भोमसिंह की रिपोर्ट की पर पुलिस ने आरोपित तत्कालीन सरपंच रफीक शाह, अजीजा, तत्कालीन ग्राम सेवक गोपाल नारायण श्रीमाली, तत्कालीन संवेदक दिलीप कुमार एवं अशपाक शाह के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 477, 477क , आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।