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हरदा जिले के गांव रन्हाई कला गांव मे रहने वाले सचिन पटवारे का नाम जब मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं की परीक्षा की मेरिट लिस्ट में आया तो परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा. कभी किसानी तो कभी मिस्त्री का काम करके उसे पालने वाले पिता, सिलाई करके मदद करने वाली मां से लेकर हौसला बढ़ाने वाली बहन तक सभी की आंखों में खुशी के आंसू थे.

अब सचिन सपना देख रहा है कि वो एक कामयाब सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) बनकर अपने परिवार को ढेर सारी खुश‍ियां और आराम दे. उसके पिता किसान होने के साथ ही मिस्त्री का काम करते हैं. उन्होंने दिन रात मेहनत करके भी बेटे की पढ़ाई में कभी रुकावट नहीं आने दी.

बता दें कि सचिन हरदा सरस्वती शिशु मंदिर का छात्र है. सचिन पटवारे ने मप्र की मेरिट लिस्ट में वाणिज्य संकाय में चौथा स्थान प्राप्त किया है. सचिन के पिता 5 एकड़ के किसान होने के साथ ही मिस्त्री का काम करते हैं जबकि मां मनीषा घर पर सिलाई का काम करती है.

सोमवार को जब रिजल्ट की खबर आई तब भी सचिन की मां सिलाई कर रही थी. पूरे परिवार ने खुश होकर सचिन का मुंह मीठा किया. मां ने आरती उतारकर तिलक लगाया तो, दादी ने लाड़ करके आशीर्वाद दिया. पूरे गांव ही नहीं प्रदेश के लिए भी सचिन जैसा होनहार छात्र एक नजीर बन गया है.

 

बता दें कि मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (MPBSE) आज कक्षा 12वीं के रिजल्ट की घोषणा कर दी है. एमपी बोर्ड के छात्र अपना रिजल्ट mpbse.nic.in, mpresults.nic.in वेबसाइट के माध्यम से देख सकते हैं. इस साल कुल 68.81% छात्रों ने कक्षा 12वीं की परीक्षा पास की है. पिछले साल की तुलना में इस साल पास प्रतिशत कम हुआ है. पिछले साल 72.37% छात्रों ने सफलता हासिल की थी

 

इस साल कक्षा 12वीं की परीक्षा में लगभग 8.5 लाख छात्र उपस्थित हुए थे. परीक्षा शुरू में 2 मार्च से 31 तक आयोजित होने वाली थी, लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसे बीच में ही स्थगित कर दिया गया था. बची हुई परीक्षा जून में आयोजित की गई थी. इस साल 4 जुलाई को कक्षा 10वीं के रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं. 10वीं परीक्षा में इस साल 62.84 फीसदी बच्चे पास हुए हैं.